नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए अब डुप्लिकेट पैन कार्ड के खतरे को रोकना आसान
होगा। डिपार्टमेंट को एक ऐसा टेक्नोलॉजी टूल मिला है, जिसकी मदद से वह डुप्लिकेट पैन कार्ड को आईडेंटिफाई कर सकेगा। डिपार्टमेंट को डुप्लिकेट कार्ड को ‘किल’ करने का भी अधिकार दिया गया है। अभी तक टैक्स चोरी या ब्लैकमनी मामले से जुड़ी जांच में यह सामने आया है कि इस तरह के गैरकानूनी काम में डुप्लिकेट पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया है।
- इस इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट प्लेटफार्म को इनकम टैक्स बिजनेस अप्लीकेशन-परमानेंट अकाउंट नंबर (आईटीबीए-पैन) कहा जाता है और इसे डिपार्टमेंट ही ऑपरेट करेगा।
- पैन जारी करने वाली इंटरमीडियरीज हर समय नए नंबर के अप्लीकेशन के साथ डुप्लिकेट नंबर की जांच कर सकेंगी। आईटी टूल इसमें यूनिक आईडेंटिटी बना देगा, जिससे उन्हें यह मालूम हो जाएगा कि अप्लीकेंट के पास पहले से पैन है या नहीं।
- आईटी डिपार्टमेंट के सीनियर अफसर ने बताया कि पहले पैन की डुप्लिकेसी रोकने का मैनुअल तरीका था, जो कि पूरी तरह कामयाब नहीं है। लेकिन, नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से डुप्लिकेसी को बहुत हद तक रोका जा सकेगा।
- अफसर ने हालांकि यह भी कहा कि पुराने पैन कार्ड के मामले में मैनुअल सिस्टम भी काम करता रहेगा। पुराने सिस्टम में इस तरह के अधिक मामले नहीं हैं।
दो पैन लेकर न हो टैक्स चोरी
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी व्यक्ति दो पैन कार्ड लेकर टैक्स चोरी न कर सके। डिपार्टमेंट कई साल से इस तरह के स्मार्ट टूल हासिल करने की कोशिश कर रहा था। बीते समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें टैक्स चोरी और ब्लैकमनी केस की जांच के दौरान जांचकर्ताओं को डुप्लिकेट पैन कार्ड मिले, जिनका इस्तेमाल इकोनॉमिक फ्रॉड के लिए किया गया।
नया टूल क्या करेगा
- न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नए स्मार्ट टूल से डुप्लिकेट पैन की पहचान की जा सकेगी और संबंधित व्यक्ति को उसे सरेंडर करने के लिए कहा जाएगा।
- इससे वह व्यक्ति डुप्लिकेट पैन कार्ड का भविष्य में इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
- डिपार्टमेंट के अनुसार, फील्ड ऑफिसेस को इस स्मार्ट टूल की जानकारी दी गई है और नई टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने के लिए कहा गया है।
- नया सिस्टम टैक्स अधिकारियों को यह जानकारी देगा कि वह अप्लीकेंट को सूचित करें कि वह अपने एसेसिंग अफसर से मिलकर डुप्लिकेट पैन सरेंडर करे।
- अप्लीकेंट यदि ऐसा नहीं करता है तो स्मार्ट सिस्टम उसकी जांच कर ऑटोमैटिकली डुप्लिकेट आईडेंटिडी को ‘किल’ कर देगा।
देश में PAN
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार अभी देश में 24.37 करोड़ से अधिक पैन रजिस्टर्ड हैं। इनमें से यह स्पष्ट आंकड़ा नहीं है कि कितने नंबर डुप्लिकेट हैं।
- पैन एक 10 डिजिट का अल्फान्युमेरिक नंबर होता है, जिसे आईटी डिपार्टमेंट किसी व्यक्ति, फर्म या इकाई को लेमिनेटेड कार्ड के रूप में जारी करता है।
- क्लीन और एरर फ्री पैन डेटाबेस डिपार्टमेंट की जरूरत है। आईटी डिपार्टमेंट अधिक से अधिक टैक्सपेयर्स को टैक्स नेट में लाने की कोशिश में है। साथ ही ब्लैकमनी को रोकने में भी जुटा है।
- पिछले साल सरकार ने कई ट्रांजैक्शन के लिए पैन को अनिवार्य कर दिया है। इसमें इस साल की शुरुआत से दो लाख रुपए से अधिक की ज्वैलरी की खरीद को शामिल कर लिया गया है।
- सरकार की कोशिश फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में पैन को अधिक से अधिक उपयोग में लाना है।
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