Rakesh Baloda Rakesh Baloda Author
Title: बिना इंटरनेट पैक के चलेंगे गूगल, वॉट्सऐप और फेसबुक
Author: Rakesh Baloda
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बिना इंटरनेट पैक के वॉट्सऐप, फेसबुक, पेटीएम चल जाए, शायद हर कोई यह चाहेगा। मोबाइल पर इंटरनेट यूज करने वालों के लिए यह खबर जितनी चौंकाने व...
बिना इंटरनेट पैक के चलेंगे गूगल, वॉट्सऐप और फेसबुकबिना इंटरनेट पैक के वॉट्सऐप, फेसबुक, पेटीएम चल जाए, शायद हर कोई यह चाहेगा। मोबाइल पर इंटरनेट यूज करने वालों के लिए यह खबर जितनी चौंकाने वाली ह उतनी ही फायदेमंद भी। भोपाल के एक डॉक्टर और इंजीनियर ने बिना इंटरनेट के मोबाइल डेटा कम्यूनिकेशन की नई तकनीक ईजाद की है। क्या है टेक्नोलॉजी...
 
ये टेक्नोलॉजी ब्लूटूथ, वाई-फाई जसी है , लेकिन इसके लिए इंटरनेट पैक जरूरी नहीं होगा। एक साधारण एक्टिव सिम और स्मार्टफोन पर भी यह संभव हो सकेगा। ऐसे मोबाइल फोन नेटवर्क जिस पर हम केवल बात करते हों वहां यह तकनीक काम करेगी।
 
डेटा कम्यूनिकेशलन ओवर रेडियो वॉइस सिग्नल्स (DCORVS) को डेवलप करने वाली टीम का दावा है कि पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक से डेवलप की गई 2G नेटवर्क पर काम करने वाली सर्विस है। DCORVS सिस्टम के पेटटें के लिए एप्लीकेशन फाइल की जा चुकी है। दैनिक भास्कर रिसर्चर्स के दावे को एक्सपर्ट्स के बीच लेकर गया। उन्होंने तकनीक डेवलप करने वालों से जाना कि उन्होंने क्या किया। रिसर्च की और यह बताया कि कैसे यह फायदेमंद हो सकती है। 

शासकीय होम्योपैथी कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निशांत नंबीशन और इंजीनियर अखिलेश सोनी ने करीब 2 साल की मेहनत के बाद इंटरनेट के बिना डेटा कम्यूनिकेशन की तकनीक में सफलता हासिल की। यह सिस्टम न केवल गूगल, ट्विटर, फेसबुक, पेटीएम जैसे अन्य ऐप्स को चलाने में सक्षम है, बल्कि रूरल बैंकिंग, कृषि, मौसम, शासकीय योजनाओं की सूचना पहुंचाने में उपयोगी साबित होगा। 2G के अलावा 3G, 4G या अन्य किसी प्लेटफॉर्म पर इस सिस्टम का उपयोग किया जा सकता है।
 
* क्या है खासियत
 
इस टेक्नोलॉजी की खासियत ये है इसमें इनकमिंग इंटनेट फ्री मिलेगा। क्योंकि भारत में इनकमिंग कॉल फ्री है। बिना इंटरनेट के भी सभी सूचनाएं नोटिफीकेशन से मिलती रहेंगी। जैसे कि किसानों को मौसम संबंधी सूचना या तत्काल किसी जरूरी सूचना पहुंचाना हो।
 
* इस तरह करेगा काम
 
TIEYUP ऐप को किसी कंप्यूटर से सीधे मोबाइल में लोड किया जा सकता है। इसके बाद रार फाइल, रिच टैक्स्ट फाइल, इमेज या अन्य कोई डेटा ट्रांसफर किया जा सकेगा।
 
* कैसे आया आइडिया
 
डॉ. नंबीशन को एक मरीज की जांच की रिपोर्ट देखनी थी। लेकिन जहां से रिपोर्ट भेजी जानी थी वहां इंटरनेट या ब्रॉडबैंड की सुविधा नहीं थी। इसी तरह डॉ. नंबीशन द्वारा खोजा गया डिजिटल
स्टेथोस्कोप बिना इंटरनेट एम्स टेलीमेडिसीन हार्ट साउंड नहीं पहुंचा पा रहा था। तब सोचा कि रेडियो सिग्नल के जरिए जब फोन पर बात हो सकती है तो डेटा ट्रांसफर क्यों नहीं हो सकता।
 Google, WhatsApp, Facebook Will Run Without Internet

क्या कहना है एक्सपर्ट का- 
 
यह 2G प्लेटफॉर्म के बेहतर इस्तेमाल की तकनीक है। फोन पर बात करते वक्त वॉइस कटने जैसी समस्या होने पर हम शब्दों को समझ लेते हैं, किसी और फाइल फॉर्मेट में यह एरर फ्री होना चाहिए। यह एरर कम करने वाली तकनीक है। पार्टिकल स्वाम ऑप्टिमाइजेशन के जरिए यह संभव है। 
निलय खरे, एसोसिएट प्रोफेसर मैनिट भोपाल
 
मोबाइल वॉइस चैनल में डेटा- 

कम्यूनिकेट करना आसान नहीं होता है। लेकिन अब यह तकनीक डेवलप कर ली गई है तो यह रूरल ई-कॉमर्स में बड़ी क्रांति साबित होगी।
 

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