स्मार्टफोन यूजर्स हैकर्स के निशाने पर हैं। पाकिस्तान और चीन के हैकर्स लगातार भारतीय इंटरनेट यूजर्स और स्मार्टफोन यूजर्स को अपना शिकार बना रहे हैं। इनकी वजह से हैकिंग और डेटा चोरी जैसी घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं।
अब केंद्र सरकार ने हैकर्स से निपटने के लिए एक नई स्मार्टफोन पॉलिसी बनाई है जो संवेदनशील सूचनाओं से जुड़े मामलों से डील करेगी। नई पॉलिसी के तहत केंद्र सरकार ने सरकारी अधिकारियों के लिए आदेश जारी किया है, जिसके अंतर्गत वो अपने स्मार्टफोन्स को ऑफिस के कम्प्यूटर्स से कनेक्ट नहीं कर सकेंगे। फोन की बैटरी चार्ज करने के लिए भी ऐसा नहीं किया जा सकेगा।
विभाग के सीनियर अधिकारी से अनुमति के बाद ही ऐसा किया जा सकेगा। यह आदेश सशस्त्र सेनाओं, इंटेलिजेंस ऑफिसर्स और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस के कर्मियों पर सख्ती से लागू किया जा रहा है।
तीन मई को गृह राज्य मंत्री हरिभाई पार्थीभाई चौधरी ने लोकसभा को दी जानकारी में बताया था कि पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी, हर वक्त भारतीय खुफिया एजेंसियों पर नजर रखने की कोशिश करती है। इसके लिए उसने स्मार्टफोन और मोबाइल ऐप्स को हथियार बनाया है।
हाल ही में टॉप गन (गेम ऐप), एमजंकी (mpjunkie) (म्यूजिक ऐप), वीडीजंकी (vdjunky) (वीडियो ऐप), टॉकिंग फ्रॉग (एंटरटेनमेंट ऐप) जैसे स्मार्टफोन ऐप के जरिए भारतीय डेटा तथा सूचनाओं को चुराया जा रहा है।
नई पॉलिसी को बनाने के लिए सरकार ने कई साइबर एक्सपर्ट्स से सलाह ली है। इसकी ज़द में सबसे ज्यादा उन अधिकारियों को रखा गया है, जो सरकारी दफ्तरों तथा इंटेलिजेंस रिपोर्ट के लिए फील्ड ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।
कम्प्यूटर कनेक्शन कतई नहीं
- सरकार के आदेश में बेहद सख्ती के साथ कहा गया है कि किसी भी सूरत में दफ्तर के कम्प्यूटर्स से मोबाइल को कनेक्ट नहीं किया जाएगा।
- दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में किसी भी कम्प्यूटर और पीसी से मोबाइल को कनेक्ट नहीं किया जा सकता है।
- ऑफिस में मोबाइल फोन की बैटरी को चार्ज नहीं किया जाएगा।
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